संयुक्त किसान मोर्चा और विभिन्न किसान संगठनों के आह्वान पर आज देशभर में जेल भरो आंदोलन किया जा रहा है। हरियाणा के करनाल में बड़ी संख्या में किसान जिला सचिवालय पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। यह प्रदर्शन भारत छोड़ो दिवस की 84वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। आंदोलन को केंद्रीय ट्रेड यूनियनों का भी समर्थन मिला है। किसान संगठन कृषि, आर्थिक और सामाजिक संकट पर सरकार का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। किसान नेताओं का आरोप है कि 2021 के आंदोलन के बाद केंद्र सरकार के कई लिखित आश्वासन अब तक लागू नहीं हुए हैं। इनमें सभी फसलों पर कानूनी MSP गारंटी और सरकारी खरीद की मांग प्रमुख है। किसान कर्जमाफी, बिजली निजीकरण पर रोक और आंदोलन से जुड़े मामलों की वापसी भी चाहते हैं। संगठनों ने भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते और अन्य मुक्त व्यापार समझौतों का विरोध किया है। किसानों ने मनरेगा में 200 दिन रोजगार और 700 रुपये दैनिक मजदूरी की मांग भी उठाई है। श्रम संहिताओं को रद्द कर न्यूनतम 42 हजार रुपये मासिक वेतन तय करने की मांग रखी गई है। भूमि अधिग्रहण, खाद की कालाबाजारी, सिंचाई, बीमा और खाद्य सुरक्षा से जुड़े मुद्दे भी ज्ञापन में शामिल हैं। किसान संगठनों ने आपदा राहत और शिक्षा व अनुसंधान के बजट में बढ़ोतरी की मांग की है। नेताओं ने राष्ट्रपति से हस्तक्षेप कर केंद्र सरकार से मांगों पर जल्द कार्रवाई कराने की अपील की है। Source: Source Post navigation विजय बघेल ने कांग्रेस पर साधा निशाना, बोले- भाजपा राज में नक्सलवाद पर निर्णायक कार्रवाई; छत्तीसगढ़ अब विकास की ओर ‘मातृभाषा मां जितनी पवित्र’: विजय ने तमिल राष्ट्रगान पर प्रस्ताव रखा, DMK और AIADMK ने किया समर्थन