चंडीगढ़ – हरियाणा सरकार ने विकास एवं पंचायती विभाग में उभरे करोड़ों रुपए के वित्तीय घोटाले पर तेज कदम उठाए हैं। जांच में पता चला कि एक झूठी कंपनी बनाकर सरकारी निधियों को नकली कार्यों के नाम पर निकाल लिया गया। इस धोखाधड़ी में मुख्य मंथन एक विभागीय कर्मचारी था, जो कई लेन‑देन में घुसपैठ करके फर्जी बिल जारी करवाता और धन अपने नियंत्रण में ले लेता। जब अनियमितताओं की जानकारी मिलती है, तो विभाग ने तुरंत शैक्षणिक जांच शुरू की, सभी दस्तावेज़ों को जाम किया और संबंधित कर्मचारी को तत्काल बर्खास्त कर दिया। राज्य के वित्तीय नियंत्रण अधिकारी ने कहा, “ऐसी जंगली हरकतें जनता के भरोसे पर धब्बा लगाती हैं, इसलिए हम कड़ी सजा सुनिश्चित करेंगे।” इस कार्रवाई से यह संकेत मिलता है कि हरियाणा सरकार बुनियादी ढाँचा और जनसेवाओं में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए अधिक सतर्क और दृढ़ है। Post navigation अमेरिकी नौसेना को स्ट्रेट ऑफ़ हॉरमज़ में ईरानी तेज़ नौकाओं को निशाना बनाने की अनुमति सिख महिला के बलात्कार और धार्मिक उत्पीड़न में दोषी जेलिए को दी गई आजीवन सजा