हर महीने ₹5,000 की बचत लंबे समय में बड़ा फंड बनाने में मदद कर सकती है। निवेश का सही विकल्प आपके लक्ष्य और समयावधि पर निर्भर करता है। FD, RD और SIP तीनों के अपने अलग फायदे हैं। एक से दो साल के छोटे लक्ष्य के लिए FD पर विचार किया जा सकता है। FD में निवेशक को अपेक्षाकृत निश्चित रिटर्न मिलता है। नियमित और तय बचत के लिए RD एक विकल्प हो सकता है। RD में हर महीने एक निश्चित राशि जमा की जाती है। लंबे समय के वित्तीय लक्ष्यों के लिए इक्विटी SIP पर विचार किया जा सकता है। SIP के जरिए नियमित रूप से म्यूचुअल फंड में निवेश किया जाता है। इक्विटी SIP में बाजार के उतार-चढ़ाव का जोखिम रहता है। इसलिए SIP चुनने से पहले अपनी जोखिम क्षमता को समझना जरूरी है। निवेश का फैसला केवल संभावित रिटर्न के आधार पर नहीं करना चाहिए। लक्ष्य, समय और जोखिम क्षमता के अनुसार विकल्प चुनना ज्यादा उचित है। Source: Source Post navigation ‘गुटखा किंग’ गुरमुख जुमनानी पर GST का बड़ा एक्शन, 317 करोड़ की टैक्स-पेनल्टी; 90 दिन में भुगतान का आदेश नई Bajaj Pulsar 150 जल्द होगी लॉन्च, मस्कुलर डिजाइन और नए फीचर्स के साथ बड़ा अपडेट