हरियाणा के हांसी में एक चतुर ठगी बेड़िया उभरा, जिसने बड़े ही चालाकी से सोशल मीडिया पर फर्जी स्क्रीनशॉट दिखाकर लोगों को कई दिन तक धोखा दिया। इस डिजिटल शिकार को ऑनलाइन लेन‑देनों, लॉटरी और नौकरी के वादों के साथ आकर्षित किया गया, जबकि सब कुछ नकली था। पीड़ितों ने जब असली साक्ष्य की मांग की, तो ठगों ने झूठी फाइलें और फोटोग्राफ प्रस्तुत करके और भी जाल बिछा दिया। अंततः पुलिस ने व्यापक जांच कर लापता रकम और वैध पहचान पत्रों को बरामद किया। अब गिरफ्तारियों की जाँच जारी है, और आरोपियों को रिमांडिंग, साइबर धोखाधड़ी और ठगी के तहत गंभीर सज़ा का सामना करना पड़ेगा। यह मामला डिजिटल जागरूकता की जरूरत पर ज़ोर देता है, जहां सभी को ऑनलाइन लेन‑देन से पहले स्रोत की पुष्टि करनी चाहिए, ताकि ऐसे शातिर ठगों का शिकार न बनें। Post navigation रास्ते को लेकर दो पक्षों में भड़की हिंसक झड़प, लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर की बौछार, एक ही परिवार के तीन सदस्य बख्ते हुए छत्तीसगढ़ में डिजिटल सुशासन: शिक्षा के अधिकार में नई पारदर्शिता की लहर