वीरेंद्र गहवई, बिलासपुर के एक न्यायिक मंत्र में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सज़ा के तहत जेल में बंद पूर्व IAS अनिल टुटेजा की तत्काल जमानत याचिका को हाईकोर्ट ने ठुकरा दिया। कोर्ट ने कहा कि टुटेजा ने अपने क र्याविधि संबंधी अपराधों में मिलकर वित्तीय अनियमितताओं को छुपाने का प्रयास किया है, जिससे जनता के भरोसे को गहरा आघात पहुंचा। अभियोजन पक्ष ने भी दर्शाया कि टुटेजा के कोर जांच में कई ठोस साक्ष्य सामने आए हैं, जिनसे यह सिद्ध होता है कि वह न केवल धन शोधन में जड़ता रखता है, बल्कि इस प्रक्रिया को व्यवस्थित करने में भी सक्रिय रहा। कोर्ट ने इस बात पर बल दिया कि न्याय को टालने के लिए जमानत नहीं दी जानी चाहिए और टुटेजा को अपने न्यायिक प्रक्रिया के अंत तक बंदी रहने की अनुमति दी। यह फैसला मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर आर्थिक अपराधों के खिलाफ कड़ाई से लड़ने के संकल्प को दर्शाता है। Post navigation भीषण गर्मी में भोपाल के स्कूलों को मिली हल्की छुट्टी, शिक्षा अधिकारी ने जारी किया आदेश खारी बावली के बाद मजीठ मंडी: सैनी की पहल से सोनीपत बनेगा हरियाणा का नया व्यापार केंद्र