गुवाहाटी विश्वसनीय असम क्षेत्र में बर्फ और ठंडा वातावरण के साथ भरपूर शपथ ग्रहण समारोह की शुरुआत हुई। असम में हिमंता बिस्वा सरमा के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत कूटनीतिक नजरिए से भी बहुत महत्वपूर्ण हो गई। शपथ ग्रहण समारोह में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की मौजूदगी पर ध्यान आकर्षित हुई। सर्जियो गोर अमेरिका के राजदूत की महत्वपूर्ण भाग लेने से दिखाया कि पूर्वोत्तर भारत को वैश्विक श्रेणीबद्ध अवसरों और व्यापार संभावनाओं का महत्वपूर्ण भाग बनने की इच्छा है। आमतौर पर, अश्विन की शुरुआत से ही जलवायु बदलाव में भारत में अमेरिकी संबंधों का गहन इंटरनेशनल साझेदारी है। सर्जियो गोर ने भाषण में अपनी उम्मदवारता को व्यक्त किया, “हमारा प्रयास है कि संबंध और एकाग्रता के माध्यम से बढ़ी मजदूरी और संसाधनों की व्यवस्था की जाए।” इस संबंधित घटना के पीछे एक बड़ा मुद्दा है, कि आगे भारत और अमेरिका को कैसे संबद्ध किया जाए ताकि पूर्वोत्तर भारत देश की व्यापारिक और आर्थिक खुले दृष्टिकोण का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सके। इस शपथ ग्रहण की मानदंड की पैटर्न देखने से देश के आगे चलने वाले महत्वपूर्ण घोषणाओं और समझौतों पर प्रभाव पड़ सकता है। अमेरिका की राजदूत की महत्वपूर्ण भाग लेने से, देश को आगे बढ़ने का एक और संभवना खुल जाएगी। इस विश्वव्यापी महत्वपूर्ण समझौते के उत्तर में, पूर्वोत्तर भारत को और अधिक निर्माता और आर्थिक खुले संबंधों की उपस्थिति में लाया जा सकता है। अश्विन की शुरुआत से ही, भारत और अमेरिका के बीच इंटरनेशनल दोपहर में एक प्रभावशाली चिन्ह है। 🔗 Read original source — Aaj Tak Post navigation ‘पेपर इतना आसान था लगा ही नहीं NEET Exam है…’ लीक मामले पर क्या बोले अभ्यर्थी? पाकिस्तानी सरै नौरंग का बाजार में चमके वाली हुई आतंरिक अटपरदी: नINE वीड और 30 घन्दाओं की त्रास