इमरान खान, खंडवा कोर्ट ने फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज़ के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने वाले हॉस्टल अधीक्षक मोहन सिंह काज़ले को तीन साल की कारावास की सजा सुनाई। जांच के दौरान स्थापित हुआ कि काज़ले ने अपनी योग्यता बढ़ाने के लिए नकली मार्कशीट तैयार करवाई और उसे सत्यापित करवा कर भर्ती प्रक्रिया में भाग लिया। पुलिस ने केस के निर्णायक प्रमाण के रूप में स्थापित कैंपस कैमरा फुटेज प्रस्तुत किया, जिसमें काज़ले को कैमरा देखते ही चेहरा छिपाकर भागते हुए दिखाया गया। अदालत ने उन्हें 3 साल की कठोर जेल, साथ ही अस्थायी करदण्ड और सरकारी निलंबन का फैसला दिया। इस निर्णय से सार्वजनिक अँधविश्वास को समाप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया है, जबकि कई नागरिक ने इस कड़ी कार्रवाई की सराहना की है।

By AIAdmin