US-Iran के बीच संघर्ष में होर्मुज स्ट्रेट पर टेंशन बढ़ाती रहती है. इसी वातावरण में भारत ने दावा किया है कि 10 तेल-गैस से लदे झंडे वाले जहाज बिना किसी टैक्स के Hormuz से बाहर निकल चुके हैं. यह घटना भारतीय उद्योग के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि तेल और गैस पर सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है. उद्योग के संबंधी विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना के बाद परमाणु ऊर्जा और अन्य ज्ञात एवं अज्ञात उद्योग में ध्यान हटाया जाने की संभावना बढ़ती है. सरकार ने पुष्टि की है कि यह फ्री एंड फ्री मरिंग और अन्तरराष्ट्रीय उद्योग के लिए सुरक्षा दर्शाने के हिसाब से आती है. राज्य सरकारों और उद्यमियों की इच्छा के मुख़्य विकल्प भी पहले से ही थे, लेकिन अब इसकी प्रतीकशीलता बढ़ने की कोशिश कर रही है. आगामी महीनों में यह घटना सुरक्षा और उद्यम के महत्व पर ध्यान डालने का संकेत दे सकती है. इसका अर्थ है कि भारत और उद्योग की जहाजों के निकलने वाले हुए देश से तेल और गैस की प्रवहन अपनी सुरक्षा में परमाणु ऊर्जा, न्यूनतम टैक्स देते हुए और अन्य उद्योगों की सहायता में बढ़ावा दे रहे हैं. इस घटना के प्रभाव पर भारतीय सरकार की टिकड़ियों में खोजने शुरू की गई है जिन्होंने अपनी चुनौतियों का समाधान ढूंढ़ा है. इसके लिए राज्य सरकारों को भी महत्वपूर्ण भूमिका है, जो अपने झंडे और पेट्रोलियम संयुक्त कार्य और उद्योग की सुरक्षा में भूमिका निभाने में महत्वपूर्ण है. सरकार ने आजकल प्रबंधन और अनुसंधान की शक्ति को बढ़ावा देने के लिए यह घटना में व्यतिरिक्त ध्यान डाला है. इस घटना को समझने में आजकल सरकार की अपनी बुद्धि और सहयोग की जरूरत है, क्योंकि यह सुरक्षा और उद्यम में आगामी चित्र पर निर्णायक है.

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