भारत 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। इस सम्मेलन के जरिए भारत अपनी रणनीतिक स्वायत्तता को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। भारत की BRICS रणनीति में ग्लोबल साउथ के हितों को प्रमुखता दी जा रही है। संगठन के मंच से विकासशील देशों की आवाज को मजबूत करने पर जोर है। भारत को चीन, रूस और अमेरिका के साथ अपने जटिल संबंधों के बीच संतुलन साधना है। चीन के साथ प्रतिस्पर्धा और सहयोग दोनों भारत की विदेश नीति के महत्वपूर्ण पहलू हैं। रूस के साथ भारत के लंबे समय से चले आ रहे रणनीतिक संबंध भी अहम बने हुए हैं। वहीं अमेरिका के साथ भारत की साझेदारी लगातार गहरी हुई है। इन सभी रिश्तों के बीच भारत स्वतंत्र विदेश नीति बनाए रखने पर जोर दे रहा है। BRICS मंच भारत को बहुध्रुवीय वैश्विक व्यवस्था में अपनी भूमिका मजबूत करने का अवसर देता है। भारत ग्लोबल साउथ के देशों के लिए आर्थिक और राजनीतिक सहयोग बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है। शिखर सम्मेलन में वैश्विक शासन व्यवस्था में सुधार जैसे मुद्दे भी महत्वपूर्ण रहेंगे। भारत की मेजबानी को उसकी बढ़ती कूटनीतिक भूमिका के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। BRICS के जरिए भारत पश्चिमी और गैर-पश्चिमी शक्तियों के बीच संतुलन कायम करने की कोशिश कर रहा है। Source: Source Post navigation लातविया में 9वीं सदी की दुर्लभ वाइकिंग कब्र से मिले छह शव, DNA ने खोले पारिवारिक रिश्ते और हिंसा के संकेत AI बूम का असर: अमेरिकी यूनिवर्सिटियां बेच रही जमीन, जॉर्ज वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी ने अमेजन को वर्जीनिया कैंपस बेचा