सोनम वांगचुक ने 26 दिनों तक चले अनशन के बाद इसे समाप्त कर दिया है। उन्होंने सरकार से आश्वासन मिलने के बाद अपना उपवास तोड़ने का फैसला लिया। लंबे समय तक उपवास के बाद शरीर को सामान्य स्थिति में लौटने में समय लग सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे मामलों में भोजन की शुरुआत धीरे-धीरे और चिकित्सकीय निगरानी में की जानी चाहिए। अचानक अधिक मात्रा में भोजन करना स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। इससे रीफीडिंग सिंड्रोम जैसी गंभीर स्थिति विकसित होने की आशंका रहती है। रिकवरी की अवधि व्यक्ति की शारीरिक स्थिति और उपवास की अवधि पर निर्भर करती है। शरीर को सामान्य भोजन और ऊर्जा संतुलन अपनाने में कुछ समय लग सकता है। इस दौरान पर्याप्त तरल पदार्थ, संतुलित आहार और नियमित चिकित्सकीय जांच महत्वपूर्ण होती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ धीरे-धीरे पोषण बढ़ाने की सलाह देते हैं। उचित देखभाल से शरीर की सामान्य कार्यप्रणाली धीरे-धीरे बहाल हो सकती है। लंबे उपवास के बाद किसी भी स्वास्थ्य समस्या से बचने के लिए विशेषज्ञों की सलाह का पालन करना आवश्यक माना जाता है। Source: Source Post navigation पासपोर्ट जारी करने में SIR डेटा के इस्तेमाल पर सरकार का जवाब, कहा- नहीं होता उपयोग मुंबई CJP प्रदर्शन में पुलिस वैन के सामने खड़ी हुईं रिया आहिर, वायरल वीडियो से बनीं चर्चा का केंद्र