उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में वैशाख माह की शुक्ल पक्ष एकादशी के मंगलवाक्य के साथ 27 अप्रैल को भस्म आरती का विशेष आयोजन हुआ। सुबह-सुबह मंदिर के गर्भगृह को चंदन, नारियल, सुक्खे मेवे और गिरि‑फ्रूट से सजाया गया, जिससे पवित्र वातावरण में एक अद्भुत सुगंध बिखर गई। मंदिर के पुजारी ने प्राचीन विधि अनुसार दीप्तिमान भस्म की आरती प्रस्तुत की, जिसमें भक्तों ने हाथ जोड़कर ध्यानी भक्ति दिखाई। आरती के बाद श्मशान पृष्ठ पर रखे भस्म को वितरित करने के दौरान कई श्रद्धालु भावविभोर हो उठे, कुछ ने आँसू भरी आँखों से भगवान को निहारते हुए अहमदिया में अपना मनोबली प्रकट किया। स्थानीय प्रतिनिधि ने कहा, इस अवसर पर मंदिर में विशेष वैध्य संगीत और शास्त्रीय गीतों का भी प्रबंध था, जिससे माहौल और भी पवित्र बन गया। भक्तों का मानना है कि इस भस्म आरती से जीवन में शांति, स्वास्थ्य और सौभाग्य की प्रार्थना प्राप्त होती है। Post navigation पत्रों में: ‘वॉशिंगटन हैरान’ और ‘राजा शान्त’ लंदन में टूटा विश्व रिकॉर्ड: सबसे लंबी टिरामिसू बनाई गई