राजधानी में रविवार को स्कूली बसों की सुरक्षा जांच का अभियान चलाया गया। पुलिस परेड ग्राउंड में 38 स्कूलों की 360 बसों का मैकेनिकल और दस्तावेजी परीक्षण किया गया। दो महीने पहले नोटिस दिए जाने के बावजूद 22 बसों में सुरक्षा संबंधी कमियां मिलीं। इन बसों पर 53 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया और 15 दिन में सुधार के निर्देश दिए गए। जांच के दौरान बस चालकों और परिचालकों का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया। कई चालक-परिचालकों में बीपी, शुगर और कमजोर नजर जैसी समस्याएं सामने आईं। अग्निशमन विभाग ने उन्हें आग लगने की स्थिति में बच्चों को सुरक्षित निकालने का प्रशिक्षण दिया। निरीक्षण में अधिकतर बसों में सीसीटीवी, मेडिकल किट और फायर सिस्टम जैसी सुविधाएं मिलीं। कुछ बसों में ऑटोमैटिक डोर लॉक, बीमा, फिटनेस और अन्य दस्तावेजों की कमी पाई गई। स्वास्थ्य जांच से बचने की कोशिश कर रहे एक चालक को पकड़कर बाद में उसकी जांच कराई गई। पहले भी जांच में कई बसों में खामियां मिलने के बाद स्कूलों को सुधार के निर्देश दिए गए थे। अधिकारियों के अनुसार बसों की सुरक्षा जांच सुप्रीम कोर्ट के तय 16 मानकों के आधार पर की जा रही है। Source: Source Post navigation नियमितीकरण की मांग पर रोडवेज, पनबस और PRTC के ठेका कर्मचारी 3 से 5 अगस्त तक करेंगे हड़ताल छत्तीसगढ़ में बनेगी नई स्टेट फ्यूल पॉलिसी, पेट्रोल-डीजल की जगह सीएनजी-पीएनजी और स्वच्छ ईंधन को मिलेगा बढ़ावा