पवन कुमार चंदना ने संघर्षों से भरी अपनी शिक्षा यात्रा के बाद एयरोस्पेस क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वह स्काईरूट एयरोस्पेस के सह-संस्थापक हैं। उनकी कंपनी ने भारत का पहला निजी तौर पर विकसित रॉकेट विक्रम-1 सफलतापूर्वक लॉन्च किया। इस उपलब्धि ने भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र में नई शुरुआत की है। पवन चंदना ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता के निरंतर समर्थन और प्रोत्साहन को दिया। उन्होंने बताया कि शुरुआती शैक्षणिक चुनौतियां उनके सपनों के रास्ते में बाधा नहीं बनीं। गणित में 51 अंक हासिल करने वाले छात्र से अंतरिक्ष क्षेत्र में पहचान बनाने तक उनका सफर प्रेरणादायक है। उनकी कहानी युवाओं के लिए मेहनत और दृढ़ संकल्प का उदाहरण पेश करती है। विक्रम-1 की सफलता भारत की निजी अंतरिक्ष क्षमताओं को मजबूत करने वाली उपलब्धि मानी जा रही है। इस उपलब्धि से देश के स्टार्टअप और अंतरिक्ष उद्योग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

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