सत्ता की बदल वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है. देश के पश्चिमी हिस्से में वाहन संपत्ति को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने इस पर ध्यान केंद्रित किया है. वराणसी और कोलकाता के मध्य दूरी 375 किलोमीटर है जिसको आगे बढ़ावा देने के लिए प्रयास किए गए हैं. सरकार ने इस प्रोजेक्ट को तेजी से पूरा करने पर बल दिया और 6 घंटे में आगे पहुंचने का मकसद रखा है. इस प्रोजेक्ट का परिचालन बंगाल की स्थिति के उचित आवश्यकताओं को समझ कर किया गया है. इस प्रोजेक्ट को पूरा करने से बुनियादी सेवाएँ, उद्योग और अर्थव्यवस्था में बदलाव लाए जाने वाले हैं. पश्चिम बंगाल की सरकार ने इस प्रोजेक्ट के तेजी से पूरा करने में मदद की आमंत्रण दी है. 🔗 Read original source — Aaj Tak Post navigation असम में फिर हिमंता सरकार, ‘जाति, माटी और भेटी’ जमीन पर उतारने का प्लान तमिलनाडु मुख्यमंत्री ने शराब की दुकानों पर गहरा फैसला लिया!