कांकेर जिले के 74 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षक फूलसिंह गंगेश आज भी छात्रों को नैतिक शिक्षा देने का कार्य कर रहे हैं। सेवानिवृत्ति के 11 साल बाद भी वे बिना किसी स्वार्थ के दूरदराज के स्कूलों में जाकर निशुल्क शिक्षा दे रहे हैं। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए नशामुक्ति अभियान भी शुरू किया है। गंगेश बीड़ी, सिगरेट, तंबाकू, शराब और गुटखे जैसे व्यसनों से बचने का संकल्प छात्रों को दिलाते हैं। वे कांकेर, भानुप्रतापपुर, चारामा, नरहरपुर और धमतरी के कई स्कूलों में पहुंचते हैं। अपने 41 वर्षों के शिक्षक कार्यकाल में उन्होंने अनुशासन और समय की पाबंदी का उदाहरण पेश किया। वे हमेशा समय से पहले स्कूल पहुंचकर साफ-सफाई और अन्य कार्यों में भी योगदान देते थे। उन्होंने सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए रामायण मंडली और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का गठन किया। उनके प्रयासों से कई स्कूलों को मॉडल स्कूल का दर्जा मिला और छात्रों ने मेरिट सूची में स्थान हासिल किया। उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें राज्यपाल पुरस्कार और कई अन्य सम्मान मिल चुके हैं। गंगेश का सेवा भाव शिक्षा और समाज सुधार के क्षेत्र में प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है।

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