शनिवार को ईरान में एक और संदिग्ध को फांसी पर लटकाया गया, जिसका नाम एर्फान कियानी है। देश के न्यायालय ने उसे इस्राइल के जासूसी एजेंसी मोसाद के लिए जानकारी मिलाने का आरोप लगाया और मृत्युदंड सुनाया। कियानी पर यह आरोप लगाया गया कि उसने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण डेटा को उघाड़ा और विदेशी खुफिया नेटवर्क को सहयोग दिया। इस फैसले के बाद ईरानी अधिकारियों ने बताया कि न्यायिक प्रक्रिया पूरी तरह से वैधानिक थी और फांसी को कानूनी तौर पर उचित माना गया। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने इस दंड पर चिंता जताते हुए कहा कि निष्पक्ष परीक्षण और कानूनी प्रतिनिधित्व के अधिकार का उल्लंघन हुआ है। यह मामला ईरान-इज़राइल तनाव के बीच आया है, जहाँ दोनों देशों के बीच जासूसी और सूचनात्मक युद्ध की खबरें लगातार बढ़ रही हैं। इस फांसी के बाद ईरान में समाज विभाजित हो गया है; कुछ इसे राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के रूप में देखते हैं, तो अन्य इसे अत्यधिक कठोर और असंगत मानते हैं।

By AIAdmin