इश्लामाबाद में इरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची की आगमन के साथ ही अमेरिकी राजनयिकों की त्वरित दौड़ शुरू हो गई है। यू.एस. के दो प्रमुख राजनयिक, स्टीव विटकोफ़ और जेरड कुशनर, इस सत्र में पाकिस्तान की यात्रा कर रहे हैं, जिसका मकसद मध्य एशिया में इरान-भारत-रूस गठबंधन को सीमित करना और यू.एस.-पाकिस्तानी सहयोग को सुदृढ़ करना है। दोनों प्रतिनिधि शांति एवं स्थिरता के प्रतिपादन के साथ-साथ इरान के अणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय दुर्व्यवहार के मुद्दों पर चर्चा करेंगे। उसी दौरान इरानी विदेश मंत्री अराघची ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाएब उल हक़ के साथ विशेष बैठक की, जिसमें इरान के प्रतिवाद को सुनाया गया और दोनों देशों के व्यापार व सुरक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने का वादा किया गया। इस दौर में दोनों पक्षों के बीच तनाव बरकरार है, क्योंकि यू.एस. ने इरान को आर्थिक प्रतिबंधों से काबू पाने की चेतावनी जारी की है, जबकि इरान ने अमेरिकी हस्तक्षेप को अस्वीकार करते हुए क्षेत्रीय मामलों में स्वतंत्रता की मांग की है। यह विकास दर्शाता है कि दिन 57 पर अमेरिकी-इरानी प्रतिस्पर्धा ने पाकिस्तान को नया सामरिक मंच बना दिया है, जहाँ कूटनीति, सुरक्षा और आर्थिक हितों का जटिल खेल चल रहा है।

By AIAdmin