सोमवार को सोने की कीमतें बढ़ गईं, जिसका कारण अमेरिका-इरान शांति वार्ता की संभावना से उत्पन्न वैश्विक बाजार में आशावाद है। भारत के प्रमुख शहरों में 22के, 24के और 18के सोने की खुदरा दरें भी बढ़ गईं। विश्लेषकों का मानना है कि इस वृद्धि का कारण कमजोर अमेरिकी डॉलर और कच्चे तेल की कीमतों में कमी है, जो मुद्रास्फीति के खतरों में कमी और कीमती धातु बाजारों को समर्थन दे रहा है। सोने की कीमतें शहर-वार बढ़ी हैं। यह वृद्धि वैश्विक बाजार की स्थिति पर आधारित है। सोने की कीमतें भविष्य में और बढ़ सकती हैं। सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए निवेशकों को सावधानी से निवेश करना चाहिए। सोने की कीमतें निरंतर बदलती रहती हैं और इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। Source: Source Post navigation छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग 20-30% बढ़ी महीने में 10,000 खतरनाक बग्स पकड़े गए