अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति ने बकरीद पर जानवरों की कुर्बानी के बदले केक काटने की अपील की है। समिति के अध्यक्ष डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा कि जीवित जानवरों की कुर्बानी देने के बजाय लोग केक काटकर धार्मिक रस्म निभा सकते हैं। कई राज्यों में पहले ही नियम बनाए गए हैं जिसमें जानवरों की कुर्बानी पर रोक है। डॉ. मिश्र ने कहा कि निर्दोष जानवरों की जान लेना सही नहीं है और सभी धर्मों में प्रेम और अहिंसा का संदेश दिया गया है। उन्होंने कहा कि लोग जरूरतमंदों की मदद कर सकते हैं जैसे पैसे देना, कपड़े देना या बच्चों की पढ़ाई में सहयोग करना। इससे भी वही भावना पूरी होती है। कई जगहों पर लोगों ने जनजागरूकता के चलते बकरीद पर जानवरों की कुर्बानी छोड़कर केक काटकर प्रतीकात्मक रूप से त्योहार मनाया है। Source: Source Post navigation बंगाल में पहला अप्रवासी केन्द्र खुला जिमखाना क्लब का सरकार पर हमला