संयुक्त राज्य द्वारा लगाए गए कुछ प्रतिबंधों को अस्थायी रूप से हटाने के बावजूद, रूसी तेल निर्यात में फिर भी भारी गिरावट आई है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह गिरावट 2023 के बाद से सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। इसका मुख्य कारण यूक्रेन द्वारा रूसी बंदरगाहों और रिफ़ाइनरियों पर तेज़ी से चलाए जा रहे रिफ़ाइटल्स और ध्वंस कार्य हैं, जो निर्यात की क्षमता को सीधा नुकसान पहुंचा रहे हैं। अमेरिकी वैवर की झलक दिखाने के बावजूद, रूसी कंपनियां अब अपने बाजारों में सप्लाई कम करने और कीमतों में उछाल देख रही हैं। यह विकास वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ा रहा है, जहाँ कई देशों को वैकल्पिक आपूर्ति स्रोतों की तलाश करनी पड़ेगी। Post navigation सागर की क्रेशर खदान में तैराकी के दौरान तीन नौजवान डूबे, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 4 लाख की आर्थिक मदद की घोषणा ब्रूनो फर्नांडीस: ‘संघर्षशील’ मैनचेस्टर यूनाइटेड में क्यों रुके और अब तीसरे स्थान की उम्मीद नहीं