सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियम-2026 को लेकर केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट सख्त हुए हैं। नए नियम में घरों से निकलने वाले कचरे को चार अलग-अलग श्रेणियों में पृथक करना अनिवार्य है। बड़े अपार्टमेंट और संस्थानों को अपने परिसर में प्रोसेसिंग यूनिट लगानी होगी। नगर निगम से अनुमति लिए बिना 100 से अधिक लोगों वाले घरेलू कार्यक्रमों की अनुमति नहीं होगी। नियमों के पालन की जिम्मेदारी नगरीय निकायों की है, लेकिन राज्य सरकार ने उल्लंघन पर पेनाल्टी तय नहीं की है। इससे न सख्ती हो पा रही है और न ही कार्रवाई। नगरीय निकायों की अधिकांश कचरा गाड़ियों में दो ही कंपार्टमेंट हैं। नए नियम के अनुसार चार अलग-अलग कंपार्टमेंट होने चाहिए। लोगों से अभी भी मिला-जुला कचरा ही लिया जा रहा है। नियम के मुताबिक घरों से अलग-अलग श्रेणी में कचरा मिलना चाहिए। शत-प्रतिशत कचरा कलेक्शन जरूरी है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2026 में प्रावधान सख्त किए गए हैं। नए नियमों के तहत कचरे को चार श्रेणियों में अलग करना अनिवार्य होगा।

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