पानीपत में आईएफडीसी बैंक के घोटाले की जाँच में धारा-धाराप्रवाही खुलासे हुए। लगभग 590 करोड़ रुपए का फ्रॉड स्कैम, जिसमें रूस से आए युवती और महंगे यॉट की पार्टियों का उल्लेख है, बड़े सरकारी अफसरों को भी उलझा रहा था। जांच एजेंसियों ने कई उच्चस्तरीय अधिकारियों, जिनमें एक सुपरिंटेंडेंट भी शामिल था, को बर्खास्त कर दिया। इस घोटाले में पंचायत विभाग, भूमि रिकॉर्ड और बैंक के आंतरिक कलेक्शन प्रोसैस में फर्ज़ी ट्रांजैक्शन्स की सुई घुमी। आरोप है कि फर्जी दस्तावेज़ों के जरिए लोन मिलाकर, बड़ी मात्रा में धन को नकली खातों में स्थानांतरित किया गया। अब पुलिस ने गिरफ्तारियों, संपत्ति जप्ती और वित्तीय रिकॉर्ड की गहरी जाँच शुरू कर दी है। यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर भ्रष्टाचार और वित्तीय धोखाधड़ी की छवि को ठेस पहुंचा रहा है, और सरकार को पारदर्शिता व सख्त नियमन की मांग बढ़ा रहा है। Post navigation यू.एस. न्याय विभाग ने फेडरल रिज़र्व के चेयर जेरोम पॉवेल की आपराधिक जांच बंद कर दी रक्षी चैंपियन अल्काराज़ फ्रेंच ओपन से अनुपस्थित