पेट्रोल और डीजल की कीमतें 11 दिनों में 7.5 रुपये प्रति लीटर बढ़ गई हैं। यह वृद्धि उच्च वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों, संकुचित रिफाइनिंग मार्जिन और रुपये की कमजोरी के कारण बढ़ी आयात लागत के बावजूद खुदरा ईंधन कीमतों में लंबे समय से परिवर्तन नहीं होने के बाद हुई है। इस दौरान कीमतें कई बार बढ़ाई गईं। यह बढ़ोतरी आम लोगों की जेब पर भारी पड़ सकती है। सरकार ने पहले ईंधन कीमतों में बदलाव नहीं किया था, लेकिन अब लगातार वृद्धि हो रही है। इसके पीछे वैश्विक बाजार की स्थिति और रुपये की कमजोरी को कारण माना जा रहा है। इस बढ़ोतरी का असार आम लोगों पर पड़ेगा। यह बढ़ोतरी अर्थव्यवस्था पर भी प्रभाव डाल सकती है। Source: Source Post navigation कुरुक्षेत्र में किसानों का धरना, सूरजमुखी खरीद और आढ़तियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग अमृतसर में तीन साल से अधूरा पुल