यमुनानगर जिले के डेयरी संचालकों ने पशुओं के चारे के रूप में इस्तेमाल होने वाले भूसे की बढ़ती कीमतों और कालाबाजारी का आरोप लगाया है। डेयरी संचालकों का कहना है कि भूसा फैक्ट्रियों में जलाने और दूसरे राज्यों में भेजा जा रहा है। इसके चलते भूसे की कीमतें 450 से बढ़कर 1100 रुपये प्रति क्विंटल हो गई हैं। डेयरी संचालकों ने प्रशासन से भूसे के व्यावसायिक दुरुपयोग पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि भूसे के दाम इसी तरह बढ़ते रहे तो दूध उत्पादन पर असर पड़ेगा और आम लोगों को महंगा दूध खरीदना पड़ सकता है। डेयरी संचालकों ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा और कार्रवाई की मांग की। उन्होंने मांग की है कि भूसे की कालाबाजारी पर अंकुश लगाने और पशुपालकों को उचित दरों पर चारा उपलब्ध कराने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। डेयरी संचालकों का कहना है कि वे पशुपालन कर लोगों को ताजा दूध उपलब्ध कराते हैं, लेकिन अब वे आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।

Source: Source