8वें वेतन आयोग के गठन के बाद, देश भर में लाखों केंद्र सरकार के कर्मचारी अपनी मांगों के साथ सरकार के सामने खड़े हैं। लेकिन सरकार उनकी मांगें मानने के मूड में नहीं लगती है। इसके पीछे की वजह क्या है, यह जानना जरूरी है। सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सूत्रों की मानें तो सरकार कर्मचारियों की मांगों पर विचार करने के लिए तैयार नहीं है। यह कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका हो सकता है। सरकार के इस फैसले से कर्मचारियों में निराशा की भावना है। कर्मचारी अपने हक की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं। सरकार और कर्मचारियों के बीच तनाव बढ़ सकता है। इस मुद्दे पर आगे क्या होगा, यह देखना दिलचस्प होगा।

Source: Source