असम विधानसभा ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) विधेयक को पास कर दिया है। इसके साथ ही असम उत्तराखंड और गुजरात के बाद यह कानून लागू करने वाला देश का तीसरा राज्य बन गया है। विधेयक के पारित होने के बाद असम में विवाह, तलाक, संपत्ति और विरासत से जुड़े मामलों में सभी धर्मों के लिए समान कानून लागू होगा। राज्य सरकार का कहना है कि इससे महिलाओं को न्याय मिलेगा और सामाजिक समरसता बढ़ेगी। विपक्ष ने विधेयक का विरोध करते हुए इसे धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला बताया। उनका तर्क है कि बिना व्यापक चर्चा के इसे जल्दबाजी में पारित किया गया। हालांकि, सत्तारूढ़ दल ने कहा कि यह विधेयक संविधान के अनुच्छेद 44 की भावना के अनुरूप है। असम के मुख्यमंत्री ने इसे ऐतिहासिक फैसला बताया और कहा कि इससे सभी नागरिकों को एक जैसा अधिकार मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से अन्य राज्यों में भी UCC लागू करने की मांग तेज होगी। केंद्र सरकार भी देश में समान नागरिक संहिता लागू करने की वकालत करती रही है। असम में यह कानून जल्द ही प्रभावी हो जाएगा, हालांकि इसके नियम अभी तैयार किए जा रहे हैं। इस फैसले का राज्य की राजनीति में व्यापक असर देखने को मिल सकता है। Source: Source Post navigation कोंडागांव: सरगीपाल वार्ड में गंदगी से हाल बेहाल, नगर पालिका की लापरवाही पर निवासियों ने खुद संभाली नालियों की सफाई ग्वालियर: 108 एम्बुलेंस चालकों ने लगाए गंभीर आरोप – ‘मेंटिनेंस के अभाव में 7-8 वाहन बंद, समय पर नहीं मिल रहा वेतन’