छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के चारामा ब्लॉक में रेत खदानों को लेकर विवाद तेज हो गया है। देर रात कोरर चौक पर दस से अधिक गांवों के ग्रामीण एकत्र हो गए। उन्होंने सांसद और विधायक की कथित कार्रवाई के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि खदानों को बंद कराने की कोशिश की जा रही है, जिससे उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना है कि बिना सुनवाई के रेत खनन पर रोक लगा दी गई है। कई ग्रामीणों के लिए रेत खनन ही रोजगार का एकमात्र जरिया है। विरोध प्रदर्शन इतना भीषण था कि देर रात तक मार्ग अवरुद्ध रहा। मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया और अधिकारियों को सूचना दी गई। ग्रामीणों ने धरना समाप्त करने से पहले प्रशासन से बातचीत की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनकी बात नहीं सुनी गई, तो आंदोलन और तेज होगा। प्रशासन ने मामले की जांच और शांति बहाली का आश्वासन दिया है। यह मामला खनन नीति और जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े करता है। फिलहाल इलाके में तनाव बना हुआ है और स्थिति नाजुक बनी हुई है। Source: Source Post navigation रोहतक के नागरिक फ्री में कर सकेंगे सोमनाथ मंदिर यात्रा:8 जून को कुरुक्षेत्र से रवाना होगी ट्रेन, पोर्टल पर करना होगा पंजीकरण पठानकोट में आशा वर्कर्स का सिविल सर्जन कार्यालय पर धरना:लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन, आर्थिक शोषण का आरोप