अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक नई रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें कहा गया है कि यदि अमेरिका फिर से बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू करता है तो ईरान के शेष सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना पहले की तुलना में अधिक कठिन हो सकता है। रिपोर्ट के अनुसार ईरान ने अपने महत्वपूर्ण सैन्य ढांचे को छिपाने और उन्हें अलग-अलग स्थानों पर शिफ्ट करने की रणनीति अपनाई है। इससे किसी भी संभावित हमले की सटीकता और प्रभावशीलता पर असर पड़ सकता है। इसी वजह से अमेरिकी रणनीतिक हलकों में चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि बदलती रणनीति के कारण क्षेत्र में सैन्य कार्रवाई और अधिक जटिल हो सकती है। तनाव के बीच दोनों देशों की गतिविधियों पर अंतरराष्ट्रीय नजर बनी हुई है। कूटनीतिक स्तर पर समाधान की कोशिशें भी जारी हैं। फिलहाल स्थिति अनिश्चित बनी हुई है। Source: Source Post navigation ईरान-इजराइल तनाव का असर: Air India ने उड़ानों में कटौती का लिया बड़ा फैसला, तेल संकट ने बिगाड़ा गणित ऊर्जा मूल्य सीमा में बदलाव: 1 जुलाई से बिजली-गैस बिलों पर कितना असर? हर घर के लिए बढ़ोतरी के बड़े मायने