प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने केरल के पूर्व सीएम पिनरई विजयन, उनकी बेटी वीणा और उनसे जुड़े 12 ठिकानों पर छापे मारे हैं। यह कार्रवाई एक वित्तीय घोटाले की जांच के तहत की गई। सबसे चौंकाने वाली बात इस छापे का समय और इसके बाद उपजा राजनीतिक विरोधाभास है। इस घटनाक्रम ने विपक्षी एकता के भीतर की दरारें उजागर कर दी हैं। दिल्ली और तिरुवनंतपुरम तक विपक्षी नेताओं के मौन या अलग-अलग रुख ने सबका ध्यान खींचा है। पहले भी ED ने दिल्ली और पश्चिम बंगाल में इसी तरह के छापे मारे थे, जिसकी स्क्रिप्ट अब केरल में दोहराई गई है। विजयन पर आरोप है कि उनकी बेटी की कंपनी के जरिए अवैध फंड ट्रांसफर किया गया। विपक्षी दलों ने इस कार्रवाई को केंद्र सरकार का राजनीतिक दबदबा बताया है। हालांकि कांग्रेस समेत कुछ पार्टियों ने चुप्पी साध रखी है। LDF ने इसे ईडी का दुरुपयोग और राजनीतिक षड्यंत्र करार दिया। माकपा ने भी केंद्र के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। यह पूरा मामला केंद्र-राज्य और विपक्षी गठबंधन की अंतर्कलह को सामने ले आया है। अब देखना है कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है। Source: Source Post navigation महतारी वंदन योजना: लाभ जारी रखने के लिए E-KYC जरूरी, सरकार ने तय की अंतिम तारीख दिल्ली जिमखाना क्लब से लीक हुए टैंक सीक्रेट्स? CIA के गुप्त ऑपरेशन की सनसनीखेज कहानी