यह मामला भारतीय सैन्य गोपनीयता और विदेशी जासूसी से जुड़ी एक बेहद चर्चित कहानी को सामने लाता है। रिपोर्ट के मुताबिक CIA के एक एजेंट ने दिल्ली जिमखाना क्लब के जरिए भारतीय सेना के टैंक से जुड़ी खुफिया जानकारियां हासिल कीं। बताया गया कि यह टैंक सोवियत रूस में निर्मित था और उससे संबंधित तकनीकी सूचनाएं बेहद संवेदनशील मानी जाती थीं। कथित तौर पर नई दिल्ली में बैठकर इस पूरे जासूसी नेटवर्क को संचालित किया जा रहा था। कहानी में एक ऐसे भारतीय गद्दार का जिक्र है जिसने विदेशी एजेंसी को अहम सैन्य जानकारी उपलब्ध कराई। उस दौर में शीत युद्ध की राजनीति और जासूसी गतिविधियां चरम पर थीं। विदेशी खुफिया एजेंसियां भारत की सैन्य क्षमताओं पर नजर बनाए हुए थीं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जानकारी हासिल करने के लिए हाई-प्रोफाइल सामाजिक नेटवर्क और क्लबों का इस्तेमाल किया गया। दिल्ली जिमखाना क्लब को इस ऑपरेशन का महत्वपूर्ण केंद्र बताया गया है। खुफिया सूचनाओं के लीक होने से राष्ट्रीय सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो सकता था। यह मामला बताता है कि जासूसी नेटवर्क किस तरह सामाजिक और राजनीतिक संपर्कों का फायदा उठाते हैं। उस समय भारत और सोवियत संघ के रक्षा संबंध काफी मजबूत थे। ऐसे में टैंक से जुड़ी जानकारी विदेशी एजेंसियों के लिए बेहद अहम मानी जा रही थी। यह कहानी भारत में विदेशी जासूसी गतिविधियों के एक रहस्यमय अध्याय को उजागर करती है। Source: Source Post navigation केरल में ED का ‘एक्शन रिप्ले’: पिनरई विजयन और बेटी के ठिकानों पर छापे, दिल्ली-बंगाल वाली स्क्रिप्ट याद आई समुद्री डाकुओं की साजिश नाकाम करने वाला INS Kolkata कितना ताकतवर?