छत्तीसगढ़ सरकार ने राशन चावल व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने की तैयारी शुरू कर दी है। राज्य में केंद्र सरकार की ‘इम्प्रूव्ड राइस स्कीम’ को लागू करने की दिशा में कदम तेज किए गए हैं। इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए रायपुर में राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइंस में हुआ। कार्यशाला की अध्यक्षता खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले ने की। इसमें छत्तीसगढ़ राइस मिल एसोसिएशन, भारतीय खाद्य निगम, मार्कफेड और विभिन्न जिलों के राइस मिलर्स शामिल हुए। योजना का उद्देश्य राशन चावल की गुणवत्ता और वितरण प्रणाली को बेहतर बनाना है। सरकार चाहती है कि लोगों तक अधिक गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित चावल पहुंच सके। नई व्यवस्था में प्रोसेसिंग और सप्लाई सिस्टम को आधुनिक बनाने पर जोर दिया जाएगा। अधिकारियों ने योजना के तकनीकी और संचालन संबंधी पहलुओं पर चर्चा की। कार्यशाला में मिलर्स को नई गाइडलाइन और प्रक्रियाओं की जानकारी भी दी गई। सरकार का मानना है कि इससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी। योजना लागू होने के बाद राशन व्यवस्था में कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं। राज्य सरकार और केंद्र सरकार मिलकर इस परियोजना को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की तैयारी कर रहे हैं। Source: Source Post navigation उत्तराखंड: सीएम धामी ने अल्मोड़ा में 138 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण, सड़क और स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर विदेशी इन्फ्लुएंसर्स के जरिए बिहार को ग्लोबल पहचान दिलाने की तैयारी