पाकिस्तान की अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता कराने की कोशिश पूरी तरह विफल हो गई है। पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर और उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में तेहरान का दौरा किया था। इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को कम करना और युद्ध जैसी स्थिति को टालना था। हालाँकि, इस उच्च स्तरीय कूटनीतिक प्रयास के बावजूद भी कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला। अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में सैन्य तनाव लगातार जारी है। दोनों देश वर्तमान में आमने-सामने हैं और किसी भी समय बड़ा संघर्ष छिड़ सकता है। पाकिस्तान ने पहले भी कई बार मध्यस्थता की कोशिश की थी, लेकिन इस बार भी सफलता नहीं मिली। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच मतभेद इतने गहरे हैं कि एक बाहरी देश के लिए उन्हें सुलझाना मुश्किल है। तनाव का मुख्य कारण होर्मुज में सैन्य अभ्यास और तेल परिवहन पर नियंत्रण की लड़ाई है। अब स्थिति यह है कि दोनों पक्ष अपनी-अपनी सैन्य तैयारियों में जुटे हुए हैं। इस विफलता से पाकिस्तान की कूटनीतिक साख पर भी असर पड़ा है। क्षेत्रीय शांति के लिए यह घटनाक्रम बेहद चिंताजनक है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब दोनों देशों से संयम बरतने की अपील कर रहा है। फिलहाल, होर्मुज में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और किसी भी गलत कदम से युद्ध छिड़ सकता है। Source: Source Post navigation अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप का ओमान को अल्टीमेटम: ईरान का साथ दिया तो ‘उड़ा देंगे’, होर्मुज पर किसी का नियंत्रण नहीं होगा Google कर्मचारी पर गोपनीय जानकारी लीक कर करोड़ों कमाने का आरोप, फेडरल केस दर्ज