Eli Lilly की एक प्रायोगिक जीन-एडिटिंग दवा ने शुरुआती क्लिनिकल ट्रायल में LDL यानी खराब कोलेस्ट्रॉल को 62% तक कम किया है। यह अध्ययन हाई-रिस्क हार्ट पेशेंट्स के लिए एक संभावित नई उम्मीद के रूप में देखा जा रहा है। शोधकर्ताओं के अनुसार यह दवा शरीर के कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण तंत्र पर सीधे असर करती है। इसका उद्देश्य लंबे समय तक चलने वाला या एक बार का इलाज विकसित करना है। शुरुआती परिणामों में मरीजों में कोलेस्ट्रॉल स्तर में महत्वपूर्ण गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि यह परीक्षण अभी प्रारंभिक चरण में है और सीमित मरीजों पर किया गया है। डॉक्टरों ने इसके परिणामों को उत्साहजनक बताया है लेकिन सावधानी बरतने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े और लंबे समय के अध्ययन अभी जरूरी हैं। इन आगे के ट्रायल्स में दवा की सुरक्षा और प्रभाव की पुष्टि की जाएगी। इसके दुष्प्रभावों और दीर्घकालिक असर पर भी बारीकी से नजर रखी जाएगी। अगर यह दवा सफल रहती है तो हृदय रोग के इलाज में बड़ा बदलाव आ सकता है। फिलहाल वैज्ञानिक समुदाय इसके परिणामों पर करीब से नजर बनाए हुए है। Source: Source Post navigation Scripps Spelling Bee 2026: भारतीय मूल के प्रतियोगी फिर जीतेंगे खिताब? जानें कब और कहां देखें फाइनल, 247 छात्रों के बीच मुकाबला करनाल के युवक की अमेरिका में दर्दनाक मौत: ट्रक खाई में गिरा, इकलौता बेटा था, पिता ने जमीन बेच भेजा था, अब शव के लिए गुहार