भारतमाला परियोजना के तहत छत्तीसगढ़ में हुए मुआवजा घोटाले की सीमा अब 100 करोड़ रुपये से अधिक रिपोर्ट की गई है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (ED) ने हाल ही में छापेमारी करते हुए कई बड़ी धनराशि, सोने और नकद राशि बरामद की। जांच के तहत कई उच्च‑स्तरीय अधिकारी भी शामिल हो गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, योग्य लाभार्थियों को मुआवजा देने के नाम पर फर्जी दस्तावेज़ तैयार कर अनधिकृत भुगतान किया गया। यह घोटाला राज्य की पारदर्शिता और आर्थिक प्रबंधन को लेकर सवाल उठाता है। कानूनी प्रक्रिया के तहत आरोपी लोगों को हिरासत में ले लिया गया है और आगे की जांच चल रही है। राज्य सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है, जिससे भविष्य में ऐसी धोखाधड़ी को रोका जा सके। Post navigation मुख्य मंत्री विष्णु देव साय ने कबीरधाम में चौपाल का शुभारंभ, श्रमिकों के साथ भोज से बढ़ी जनता का लगाव ED ने छत्तीसगढ़ के 13 ठिकानों पर छापे, 5.39 करोड़ की नकदी‑सोना बरामद