अप्रैल महीने में भारत के विनिर्माण क्षेत्र का पीएमआई 49.5 पर रहा, जो पिछले माह के 48.9 से थोड़ी बढ़ोतरी दर्शाता है। इस आंकड़े से संकेत मिला कि उत्पादन में धीमी गति से सुधार हो रहा है, जबकि निर्यात और नई ऑर्डर में स्थिरता बनी हुई है। वहीं, ईरान में युद्ध जैसी भू-राजनीतिक तनाव ने अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों को तेज किया, जिससे देश में महंगाई के दबाव में इजाफा हुआ। आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि मुद्रास्फीति नियंत्रण के लिए नीतियों का तेज़ी से कार्यान्वयन आवश्यक है, ताकि उपभोक्ता खर्च में सुरक्षा बनी रहे।