एक हालिया अध्ययन के अनुसार, स्कॉटलैंड के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में वेपोराइज़र (वैप) उत्पाद बेचने वाले स्टोरों की संख्या में 28 प्रतिशत तक की तेज़ी से वृद्धि पाई गई है। यह विस्तार विशेष रूप से उन जिलों में अधिक है जहाँ गरीबी और सामाजिक‑आर्थिक असमानता अधिक दर्ज की गई है।

शोधकर्ता ने राष्ट्रीय स्तर पर 1,200 से अधिक खुदरा विक्रेताओं का सर्वेक्षण किया और पाया कि सबसे अधिक नई वैप शॉपों का उद्घाटन स्कॉटिश डाउंडरटेयर क्षेत्रों में हुआ। इन क्षेत्रों में युवा वयस्कों में वैपिंग की बढ़ती लोकप्रियता और कम आय वाले परिवारों की आर्थिक सीमाओं को देखते हुए, वैप शॉपों ने कम कीमतों पर विविध उत्पाद उपलब्ध कराए हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस प्रवृत्ति को लेकर चिंतित हैं, क्योंकि वैपिंग का दीर्घकालिक स्वास्थ्य प्रभाव अभी पूरी तरह समझा नहीं गया है। वेप उत्पादों की आसान उपलब्धता से युवाओं में निकोटीन की लत की संभावना बढ़ सकती है। इस सम्बन्ध में स्कॉटिश सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग ने वैप कंट्रोल नीति को मजबूत करने की आवश्यकता जताई है, जिसमें विज्ञापन प्रतिबंध और बिक्री सीमाएँ शामिल हैं।

इसी बीच, विनिर्माताओं ने कहा है कि वे केवल व्यावसायिक मांग को पूरा कर रहे हैं और सभी उत्पाद राष्ट्रीय नियमों के अनुरूप हैं। आने वाले महीनों में इस मुद्दे पर आगे की जांच और संभावित नियामक कदमों की आशा की जा रही है।