अमेरिका में आयोजित 2026 फुटबॉल विश्व कप की टिकट कीमतों को लेकर प्रशंसकों के बीच तीखी आलोचना उभर कर सामने आई है। फ़ीफ़ा के कार्यकारी अध्यक्ष जियानी इन्फैंटो ने इस पर खुलकर रुख अपनाते हुए कहा कि अत्यधिक कीमतें केवल दर्शकों की बढ़ती मांग को दर्शाती हैं, न कि कोई सट्टा या लाभ‑उद्देश्य। उन्होंने बताया कि 2026 विश्व कप के प्रथम चरण में अधिकतम 5,000 डॉलर तक की कीमतें निर्धारित की गई हैं, जबकि प्राथमिकता वाले सीटों और सॉकर फॉर्मेट में बदलाव के कारण लागत में वृद्धि हुई है। इन्फैंटो ने यह भी कहा कि इस आयोजन में 48 टीमों की भागीदारी, विस्तारित टूर्नामेंट अवधि और नए स्टेडियमों के निर्माण ने टिकट के उत्पादन एवं वितरण पर असर डाला है।

प्रशंसक संगठनों ने इसे ‘वित्तीय असमानता’ का उदाहरण कहा, खासकर कम आय वाले देशों के दर्शकों के लिये पहुंचनीय न रहने का आरोप लगाते हुए। इन्फैंटो ने कहा कि फ़ीफ़ा विभिन्न मूल्य वर्गों में टिकटों की विविधता प्रदान कर रहा है, जिससे सभी आर्थिक वर्गों के दर्शकों को अवसर मिले। साथ ही उन्होंने उल्लेख किया कि टिकट बिक्री के बाद रियायतें और स्थानीय स्पॉन्सरशिप के माध्यम से कम कीमतों पर भी टिकट उपलब्ध कराए जाएंगे।

इस बयान के बाद कई राष्ट्रों ने अपने नागरिकों के लिए सहायता योजना तैयार करने का प्रस्ताव रखा है, जबकि कुछ विवादित टिप्पणीकारों ने फ़ीफ़ा को सतर्क करने की मांग की है। फ़ीफ़ा ने कहा कि विश्व कप का लक्ष्य खेल को ग्लोबल स्तर पर प्रसारित करना है, और इस दिशा में टिकट मूल्य निर्धारण आवश्यक कदम है।