सऊदी अरब ने हाल ही में अपने बजट में 33.5 बिलियन डॉलर के बड़े घाटे की घोषणा की। यह घाटा मुख्य रूप से तेल निर्यात में गिरावट और स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ के प्रभावी बंद होने के कारण उत्पन्न हुआ है। तेल निर्यात पर निर्भर राजस्व स्रोत के रूप में, तंग शिपिंग रास्ते ने वैश्विक तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और निर्यात मात्रा में कमी लाई।

राज्य के वित्तीय अधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष की अनुमानित आय में पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 15 प्रतिशत की गिरावट देखी जा रही है। इस कमी को पूरा करने के लिए उन्होंने सरकारी खर्च में कटोति, आय कर बढ़ोतरी, और वैकल्पिक निवेशों की दिशा में कदम उठाने की योजना बनाई है।

विश्लेषकों का मानना है कि यदि स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ का बंद होना दीर्घकालिक बना रहता है, तो सऊदी के राजकोषीय स्थिति में अधिक दबाव उत्पन्न हो सकता है, जिससे आर्थिक विविधीकरण की प्रक्रिया तेज़ हो सकती है। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में अस्थिरता जारी है, और सऊदी सरकार ने कहा है कि वह अपनी रणनीतिक तेल भंडार को स्थिर रखने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी।