पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में हुए विधानसभा चुनावों में ममता बनर्जी और एमके स्टालिन की हार के बाद समाजवादी पार्टी ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने घोषणा की कि अब चुनावी सलाहकार संस्था I‑PAC (इंटेलिजेंट पॉलिटिकल अडवाइज़र कंपनी) के साथ काम नहीं किया जाएगा। उनका कहना है कि हालिया परिणामों ने दिखाया कि बाहरी पेशेवरों की टीमों पर निर्भरता के बजाय पार्टी के अपने संगठनात्मक ढाँचे को सुदृढ़ करना अधिक प्रभावी हो सकता है। SP ने बताया कि भविष्य में, विशेष तौर पर 2027 के लिए, चुनावी योजना, रणनीति एवं अभियान प्रबंधन के सभी पहलू अंदरियों के द्वारा ही सँभाले जाएंगे। इस कदम से पार्टी को अपने कार्यकर्ताओं को अधिक जिम्मेदारी सौंपी जाएगी और Grassroots स्तर पर संपर्क बेहतर होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय स्थानीय स्तर पर सदस्यों की भागीदारी बढ़ाने एवं पार्टी के मूल मूल्यों को पुनः स्थापित करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम हो सकता है। हालांकि, यह देखना बाकी है कि बिना बाहरी विशेषज्ञता के चुनावी प्रबंधन में किस हद तक सफलता प्राप्त होगी और यह रणनीति भविष्य के प्रदर्शन को कैसे प्रभावित करेगी। Post navigation समाजवादी पार्टी ने I‑PAC के साथ संबंध तोड़कर स्वतंत्र चुनाव प्रबंधन का फैसला किया समाजवादी पार्टी ने I‑PAC के साथ संबंध तोड़कर स्वतंत्र चुनाव प्रबंधन का फैसला किया