महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (एमएचएडी) ने मुंबई में वार्षिक प्री-मानसून सर्वे में 82 अत्यधिक खतरनाक पुरानी इमारतों की पहचान की है। इनमें से 43 इमारतें पिछले साल के सर्वे में भी खतरनाक बताई गई थीं। इन जर्जर इमारतों में कुल 2,736 लोग रहते हैं, जिनकी जान बारिश के मौसम में बड़े खतरे में है। एमएचएडी ने कुछ निवासियों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया है। बाकी बचे निवासियों को नोटिस जारी कर खाली करने का आदेश दिया गया है। प्रशासन ने लोगों को आश्वासन दिया है कि अगर वे तुरंत बाहर निकलते हैं, तो पुनर्वास की व्यवस्था की जाएगी। मानसून के दौरान इमारत गिरने की घटनाओं को रोकने के लिए एमएचएडी ने 24×7 कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है। लोग किसी भी आपात स्थिति में इस कंट्रोल रूम में सूचना दे सकते हैं। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर निवासियों ने आदेशों की अवहेलना की तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह सर्वे मुंबई में पुरानी और खतरनाक इमारतों के बढ़ते संकट को उजागर करता है।

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