रिज़र्व बैंक ने विदेशी रुपये ओवर-द-काउंटर (OTC) डेरिवेटिव अनुबंधों के बारे में बैंकों को क्लियरिंग कार्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (CCIL) को रिपोर्ट करने का आदेश दिया है। इस कदम से वित्तीय सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ेगी और जोखिम नियंत्रण में मदद मिलेगी। RBI ने इस नई व्यवस्था को लागू करने के लिए चरणबद्ध योजना भी तैयार की है, जिससे बैंकों को समय-समय पर आवश्यक डेटा प्रदान करना आसान हो। पहले चरण में बड़े बैंक और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन को रिपोर्टिंग शुरू करनी होगी, जबकि छोटे संस्थानों को धीरे-धीरे इस प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। यह लचीलापन पूर्ण दृष्टिकोण बाजार की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है, जिससे निरंतर निगरानी और नियमन संभव हो सके। Post navigation सुशासन तिहार: मुख्यमंत्री विष्णुदेवा साय ने चंदागढ़ में जनचौपाल की छाया में ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं मुंबई इंडियंस के स्क्वाड में केशव महाराज ने घायल मिशेल सैंटरन की जगह ली