बीसीसीआई का मानना है कि कि लगातार बढ़ती गैर-जरूरी मूवमेंट से एंटी-करप्शन और सुरक्षा प्रोटोकॉल कमजोर हो सकते हैं. आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट में खिलाड़ियों और टीमों की सुरक्षा को लेकर कोई जोखिम नहीं लिया जा सकता.