सामने आया है कि एक कार काफी देर से चंद्रनाथ की स्कॉर्पियो का पीछा कर रही थी. इतने में पीछे वाली कार आगे आई और उसकी स्पीड धीमी हो गई. ऐसे में चंद्रनाथ की कार की भी स्पीड स्लो हो गई. इसके बाद साइड से बाइक सवार बदमाश आए और चंद्रनाथ के सीने में तड़ातड़ गोलियां उतार दीं.