निवेशकों और खरीदारों के लिए सबसे बड़ी सलाह यही है कि वे किसी भी मार्केटिंग स्ट्रेटजी या भारी डिस्काउंट के पीछे न भागें. निवेश से पहले बिल्डर की हिस्ट्री, पुराने प्रोजेक्ट्स की डिलीवरी और उस क्षेत्र के भविष्य के विकास की ‘ड्यू डिलिजेंस’ यानी जांच-परख स्वयं करें. Post navigation पाकिस्तानी क्रू से भरे जहाज को US ने कब्जाया, गिड़गिड़ाने लगा PAK कैंसर, इंसुलिन और रेबीज की नकली दवाएं… दिल्ली में 6 करोड़ की फर्जी मेडिसिन जब्त