पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख की पार्टी में एक बार फिर आंतरिक तनाव सामने आया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता के बागी खेमे के साथ जुड़ने की खबर ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि उन्होंने पार्टी के अन्य असंतुष्ट नेताओं के साथ मिलकर रणनीतिक बैठकें की हैं। इस समूह में भी शामिल बताई जा रही हैं। इन नेताओं ने केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्री से मुलाकात की है। इस मुलाकात को राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, बैठक में संगठनात्मक मुद्दों और संसदीय दल की स्थिति पर चर्चा हुई। इसके बाद यह संभावना जताई जा रही है कि ये नेता लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर सकते हैं। उनका उद्देश्य कथित तौर पर असली टीएमसी संसदीय दल पर दावेदारी पेश करना हो सकता है। इस घटनाक्रम ने पार्टी के भीतर नेतृत्व और एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। टीएमसी के अंदर मतभेद और गहराने की आशंका जताई जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह स्थिति आने वाले समय में बड़े संगठनात्मक बदलाव का संकेत हो सकती है। फिलहाल पार्टी की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। Source: Source Post navigation टीएमसी के बाद शिवसेना (UBT) में भी अंदरूनी टूट की आशंका, बैठक के बाद बढ़ी राजनीतिक अटकलें शिक्षक भर्ती घोटाले में ED के सामने पेश हुए अभिषेक बनर्जी, घंटों चली पूछताछ