सरकारी आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 2017 से अब तक 1.06 करोड़ से अधिक महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के साथ सफलतापूर्वक जोड़ा गया है। यह पहल राज्य में महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। इन स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को न केवल स्वरोजगार के अवसर मिल रहे हैं, बल्कि उन्हें वित्तीय साक्षरता और कौशल विकास का प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है। सरकार की इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को संगठित कर उन्हें मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ना है। विभिन्न सरकारी योजनाओं और बैंक लिंकेज के माध्यम से इन समूहों को आर्थिक संबल भी मिल रहा है। इस उपलब्धि को राज्य में महिला नेतृत्व वाले विकास के एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है। आगामी समय में इन समूहों का दायरा और बढ़ाने की योजना है ताकि अधिक से अधिक महिलाएं इसका लाभ उठा सकें। Source: Source Post navigation उत्तर प्रदेश में ‘मंदिर अर्थव्यवस्था’ का उदय: योगी के 9 साल के पर्यटन पुश से 1.56 अरब पर्यटक छत्तीसगढ़ में NHM कर्मचारियों को बड़ी सौगात, अब मिलेगा 2 करोड़ रुपये तक का बीमा सुरक्षा कवर