अमेरिका और ईरान के बीच नाभिकीय समझौते को लेकर तनाव बढ़ते जा रहा है। अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर नियंत्रण के लिए नई बातचीत जरूरी है। दोनों पक्ष यूरेनियम संवर्धन और होर्मुज जलडमरूमध्य के नियंत्रण पर अड़े हुए हैं, जिसके कारण बातचीत में अभी तक सहमति बनना असंभव लग रहा है। 2015 में स्थापित नाभिकीय समझौते (JCPOA) के बाद से अमेरिका ने 2018 में इसे अस्वीकार कर दिया था। ईरान ने तब से अपने परमाणु कार्यक्रम को विस्तार दिया है, जिसके कारण अमेरिका ने फिर से सख्त प्रतिबंध लगाए। हाल ही में ईरान ने अमेरिकी राजनयिकों को बातचीत के लिए समय दिया था, लेकिन दोनों ओर से बातचीत के लिए अस्पष्ट भाषा का इस्तेमाल हुआ है। दुनिया के प्रमुख देशों ने इस संकट के गंभीरता पर चिंता जताई है। यूरोपीय संघ ने बातचीत को बनाए रखने का आह्वान किया, जबकि सऊदी अरब और इजरायल ने ईरान के कदमों को खतरनाक बताया है। अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान समझौते पर सहमति नहीं देता, तो सैन्य कार्रवाई की संभावना बढ़ जाएगी। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के 20% तेल निर्यात का मार्ग है, इसलिए इस क्षेत्र में कोई भी तनाव वैश्विक तेल बाजार को प्रभावित करेगा। आज रात तक ईरान के जवाब का इंतजार है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों पक्ष युद्ध से बचने के लिए आखिरी क्षण तक बातचीत करेंगे। Post navigation शादी समारोह में अचानक आकर उठाई हंगामा: दूल्हे की प्रेमिका ने कराया ताना 10 करोड़ के बजट में कमाए 200 करोड़, ओटीटी पर रिलीज हुई ये फिल्म