छत्तीसगढ़ के अधिकांश इलाकों में सोमवार से तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी का अनुमान है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इस संबंध में चेतावनी जारी की है। रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग जैसे प्रमुख शहरों में अगले कुछ दिनों तक अधिकतम तापमान 45 डिग्री से ऊपर रहने की संभावना है। इससे लोगों को गर्मी से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। छत्तीसगढ़ में मई माह के दौरान गर्मी का प्रभाव सामान्यतः अधिक तीव्र होता है। पिछले साल भी राज्य में अप्रैल और मई में तापमान 47 डिग्री तक पहुँच गया था। IMD के वैज्ञानिकों का कहना है कि वायुमंडलीय दबाव में कमी के कारण गर्म हवाओं का प्रवाह बढ़ रहा है। इससे राज्य के आंतरिक क्षेत्रों में गर्मी का असर अधिक बढ़ेगा। मौसम विभाग ने आम लोगों से दोपहर के समय बाहर न निकलने की सलाह दी है। विशेष रूप से बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोगों को पानी का सेवन बढ़ाकर कम गर्मी के दिनों में रहने की अपील की गई है। स्वास्थ्य विभाग ने भी डिहाइड्रेशन के मामलों को रोकने के लिए अस्पतालों में तैयारी बढ़ा दी है। इस गर्मी के दौरान कृषि क्षेत्र पर भी असर पड़ सकता है। खेतों में फसलों के लिए पानी की कमी के कारण बागानों और दलहन फसलों को नुकसान हो सकता है। राज्य सरकार ने जल संचयन कार्यक्रमों को तेज करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही जलापूर्ति के लिए नालियों की मरम्मत कार्य भी शुरू कर दिए गए हैं। IMD ने बताया कि अगले दो हफ्ते तक राज्य में तापमान में बढ़ोतरी जारी रहेगी। बादलों के बिना बारिश के कारण गर्मी का प्रभाव और भी तीव्र रहेगा। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि जून के आरंभ में मानसून के आगमन से ही गर्मी का दबाव कम होगा। इस बीच लोगों से गर्मी से बचाव के लिए बेसिक उपायों पर ध्यान देने की अपील की गई है। Post navigation चैट जीपीटी से बनाए IPL के फर्जी टिकट, लखनऊ स्टेडियम के बाहर बेचते रायपुर-दुर्ग के चार युवक दबोचे Gaza filmmakers slam BBC after shelved documentary wins Bafta