नवा रायपुर को ‘पीपल सिटी’ के रूप में विकसित करने के लिए 20 करोड़ रुपये की लागत से नया वृक्षारोपण अभियान शुरू किया गया है। इस परियोजना का उद्देश्य शहर में हरित क्षेत्र का विस्तार करना है। हालांकि पिछले वर्ष मातृछाया परिसर में लगाए गए करीब 22 हजार पौधे रखरखाव के अभाव में सूख गए थे। इस घटना के बाद संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर कई सवाल उठे हैं। अब प्रशासन ने नई योजना में निगरानी व्यवस्था मजबूत करने का दावा किया है। पौधों की देखभाल के लिए ड्रिप सिंचाई प्रणाली लागू करने की तैयारी की गई है। नियमित रखरखाव और निगरानी पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इस बार पौधों के संरक्षण के लिए स्पष्ट कार्ययोजना बनाई गई है। परियोजना का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ शहर की हरियाली बढ़ाना है। पिछले अनुभवों से सीख लेकर इस अभियान को अधिक प्रभावी बनाने की कोशिश की जा रही है। प्रशासन को उम्मीद है कि नई व्यवस्था से पौधों के जीवित रहने की दर में सुधार होगा। इस अभियान की सफलता पर अब स्थानीय लोगों और पर्यावरण विशेषज्ञों की भी नजर बनी हुई है। Source: Source Post navigation बीजापुर में कलेक्टर ने ग्रामीणों के बीच लगाई रात्रि चौपाल, मट्टी-मरका को पर्यटन हब बनाने के दिए निर्देश