छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में छात्रावासों और आश्रमों की व्यवस्थाओं में लापरवाही के मामले पर जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था के निर्देशों के तहत यह कार्रवाई की गई है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से पहले कलेक्टर के नेतृत्व में छात्रावासों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर अव्यवस्था और लापरवाही सामने आई। इसके बाद प्रशासन ने तत्काल चार कर्मचारियों को निलंबित कर दिया। अधिकारियों ने कहा कि जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन का उद्देश्य छात्रावासों में बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करना है। नियमित निगरानी के निर्देश भी जारी किए गए हैं। सरकार ने साफ किया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस कार्रवाई से व्यवस्था सुधारने की दिशा में सख्त संदेश गया है। Source: Source Post navigation फरीदाबाद में जल संकट गहराने की आशंका, 48 घंटे तक कई कॉलोनियों में पानी की आपूर्ति प्रभावित कपूरथला में टेंट हाउस गोदाम में भीषण आग, लाखों का सामान जलकर खाक